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21 की उम्र में गंवाए दोनों हाथ, फिर रोहन ने शुरू किया अपना Menswear Business

21 की उम्र में गंवाए दोनों हाथ, फिर रोहन ने शुरू किया अपना Menswear Business

  • By: Ajmera Fashion Team
  • Oct 07, 2026
21 की उम्र में गंवाए दोनों हाथ, फिर रोहन ने शुरू किया अपना Menswear Business

21 की उम्र में गंवाए दोनों हाथ, डॉक्टर बोले “नहीं बचेगा”; फिर रोहन ने शुरू किया अपना Business

पुणे के रहने वाले 21 साल के रोहन की Business Success Story किसी सामान्य कारोबारी कहानी जैसी नहीं है। बचपन से पहलवानी का शौक रखने वाले रोहन की जिंदगी अच्छी चल रही थी। लोग उनकी पहलवानी के कायल थे। लेकिन करीब एक साल पहले हुए एक दर्दनाक हादसे ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी। करंट लगने के बाद उनकी पूरी बॉडी जल गई, करीब डेढ़ महीने ICU और वेंटिलेटर पर रहना पड़ा और जान बचाने के लिए उनके दोनों हाथ काटने पड़े। इसके बावजूद रोहन ने हार नहीं मानी और आगे चलकर पुणे में Bajrangi Menswear नाम से अपना कपड़ों का कारोबार शुरू किया।

एक हादसे ने बदल दी रोहन की जिंदगी

रोहन एक दिन हाइटेंशन तार पर गिरे कपड़े को उतार रहे थे। कपड़ा निकालने के दौरान उनके हाथ में मौजूद रॉड गलती से बिजली के तार से छू गई।

करंट इतना भयानक था कि रोहन की पूरी बॉडी जल गई।

हालात बेहद गंभीर थे। डॉक्टरों ने उनके बचने की उम्मीद नहीं जताई थी। रोहन करीब डेढ़ महीने तक ICU और वेंटिलेटर पर रहे।

जान बचाने के लिए उनके दोनों हाथ काटने पड़े।

21 साल की उम्र में दोनों हाथ चले जाना किसी भी इंसान के लिए जिंदगी बदल देने वाला हादसा है। लेकिन रोहन की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।

उन्होंने जिंदगी की इस मुश्किल लड़ाई में भी हार मानने से इनकार कर दिया।

दोस्तों ने मुश्किल समय में रोहन का साथ नहीं छोड़ा

इतने बड़े हादसे के बाद रोहन को अकेला नहीं छोड़ा गया।

उनके दोस्तों ने हर मुश्किल समय में उनका साथ दिया। वे नहीं चाहते थे कि रोहन खुद को अकेला महसूस करें या depression में चले जाएं। इसलिए दोस्त रोज उन्हें गाड़ी पर घुमाने ले जाते थे।

इस दौरान रोहन की जिंदगी में उनकी पुरानी साथी सेजल भी मजबूती से उनके साथ खड़ी रहीं।

सेजल 11वीं क्लास से रोहन की प्रेमिका थीं। हादसे के बाद रोहन के दोनों हाथ चले जाने के बावजूद उन्होंने उनका साथ नहीं छोड़ा।

हाल ही में दोनों ने शादी कर ली।

रोहन के मुश्किल समय में दोस्तों और सेजल का साथ उनकी जिंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना।

दोनों हाथ गंवाने के बाद भी नहीं चुनी लाचारी

इतना बड़ा हादसा होने के बाद जिंदगी को दोबारा सामान्य दिशा में लाना आसान नहीं था।

लेकिन रोहन ने खुद को लाचार मानकर बैठने के बजाय अपना काम शुरू करने का फैसला किया।

उन्होंने पुणे में “बजरंगी मेन्सवियर” नाम से कपड़ों की दुकान शुरू की।

उनके लिए यह सिर्फ Menswear Business शुरू करने का फैसला नहीं था। यह उस जिंदगी को दोबारा अपने तरीके से आगे बढ़ाने की कोशिश थी, जिसे हादसे ने अचानक बदल दिया था।

जहां एक तरफ उन्हें अपने शरीर में आए बड़े बदलाव के साथ जीना सीखना पड़ा, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने अपने कारोबार को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी ली।

Ajmera Fashion पहुंचे रोहन, अजय सर हुए प्रभावित

हाल ही में रोहन अपनी टीम के साथ सूरत के Ajmera Fashion पहुंचे।

वहां अजय सर ने जब रोहन को देखा, तो उनके चेहरे की positive energy ने उन्हें प्रभावित किया।

रोहन की मानसिक ताकत और will-power को देखकर अजय सर ने उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि लोग छोटी-छोटी बातों पर depression में चले जाते हैं, लेकिन इतने बड़े हादसे के बाद भी रोहन के चेहरे पर शिकन तक नहीं है।

रोहन की यही सोच उनकी Business Success Story को खास बनाती है।

उन्होंने अपने साथ हुए हादसे को अपनी जिंदगी की आखिरी पहचान नहीं बनने दिया। इसके बजाय उन्होंने अपना कारोबार शुरू करने का फैसला किया।

Bajrangi Menswear को आगे बढ़ा रहे हैं रोहन

आज रोहन अपनी Bajrangi Menswear की दुकान सफलतापूर्वक चला रहे हैं और अपने परिवार को संभाल रहे हैं।

अपने कारोबार को लोगों तक पहुंचाने के लिए वह Social Media Marketing का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। दुकान और अपने business को promote करने की उनकी कोशिश लगातार जारी है।

यह दिखाता है कि हादसे के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह रुक नहीं गई। उन्होंने अपने लिए काम का एक नया रास्ता चुना और उसे आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

रोहन की कहानी में Business से ज्यादा बड़ा है हौसला

रोहन की कहानी को सिर्फ एक small business success story कहना शायद पर्याप्त नहीं होगा।

इस कहानी में एक ऐसा हादसा है जिसने 21 साल की उम्र में उनके दोनों हाथ छीन लिए। इसके बाद दोस्तों का साथ है, सेजल का प्यार है और खुद रोहन का वह फैसला है जिसमें उन्होंने लाचार होकर बैठने के बजाय अपना business शुरू करना चुना।

आज वह अपनी दुकान चला रहे हैं और अपने परिवार को संभाल रहे हैं।

उनकी कहानी बताती है कि किसी व्यक्ति की ताकत सिर्फ उसके शरीर से तय नहीं होती। कई बार मुश्किल परिस्थितियों में लिए गए फैसले और आगे बढ़ने की इच्छा इंसान की असली ताकत बन जाती है।

रोहन ने अपने जीवन की सबसे कठिन लड़ाई के बाद भी खुद को रोकने नहीं दिया।

हादसे में उनके दोनों हाथ चले गए, लेकिन उनका हौसला नहीं गया।

उनके दोस्तों ने मुश्किल समय में साथ दिया। सेजल ने जीवनसाथी बनकर उनका हाथ थामा। और रोहन ने अपने लिए एक नया रास्ता चुना—Bajrangi Menswear के जरिए अपना business आगे बढ़ाने का।

आज उनकी कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो मुश्किल परिस्थितियों में खुद को कमजोर समझने लगते हैं।

रोहन के अटूट जज़्बे, उनके दोस्तों के साथ और सेजल के बेमिसाल प्यार को दिल से सलाम।

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